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धान की फसल पर गंभीर बीमारियों का प्रकोप, किसानों की बढ़ी चिंता; ओमकार नागपुरे ने की पंचनामा और आर्थिक मदद की मांग

Sep 29
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फसल प्रभावित होने से उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका, प्रशासन से तत्काल सर्वेक्षण कराने की अपील


जनचेतना / गोंदिया:- जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में धान की फसल पर इन दिनों अनेक प्रकार की गंभीर बीमारियों का प्रकोप देखने को मिल रहा है। बीमारी के कारण खेतों में खड़ी धान की फसल प्रभावित होने लगी है, जिससे किसानों के सामने इस वर्ष उत्पादन को लेकर चिंता गहराने लगी है। फसल को हुए नुकसान के चलते किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। किसानों के अनुसार, धान की फसल में बीमारी फैलने के कारण कई खेतों में फसल की स्थिति खराब होती जा रही है। समय रहते बीमारी पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो आने वाले दिनों में नुकसान और बढ़ने की आशंका है। पहले ही खेती की बढ़ती लागत से किसान परेशान हैं और अब फसल में बीमारी ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है।

फसलों का तत्काल पंचनामा कराने की मांग


किसानों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए किसान हितैषी सामाजिक कार्यकर्ता ओमकार नागपुरे ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर खेतों का निरीक्षण करना चाहिए तथा बीमारी से प्रभावित धान की फसल का तत्काल पंचनामा कर नुकसान का आकलन किया जाना चाहिए। ओमकार नागपुरे ने कहा कि किसानों ने पूरी मेहनत और आर्थिक खर्च कर धान की फसल तैयार की है। यदि बीमारी के कारण फसल बर्बाद होती है तो किसानों की पूरी मेहनत और लागत पर पानी फिर सकता है। ऐसी स्थिति में किसानों को अकेला नहीं छोड़ा जा सकता।


नुकसान का सर्वे कर किसानों को मिले आर्थिक सहायता


उन्होंने प्रशासन से मांग की कि प्रभावित गांवों में विशेष सर्वेक्षण अभियान चलाकर फसल की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया जाए। जिन किसानों की फसल बीमारी के कारण प्रभावित हुई है, उनका नियमानुसार पंचनामा तैयार कर शासन की ओर से आर्थिक सहायता एवं आवश्यक राहत उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि विभाग द्वारा किसानों को फसल में फैल रही बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और उपचार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि शेष फसल को बचाया जा सके।

किसानों की नजर अब प्रशासन की कार्रवाई पर


धान की फसल को हो रहे नुकसान को लेकर किसानों ने प्रशासन से गंभीरता से ध्यान देने की अपील की है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कदम नहीं उठाए तो नुकसान का दायरा और बढ़ सकता है। ऐसे में अब देखना होगा कि किसानों की मांग पर प्रशासन कब तक सर्वेक्षण और पंचनामा की प्रक्रिया शुरू करता है तथा प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।



 
 
 

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