top of page

गोंदिया तहसील को दुष्काळग्रस्त घोषित करने की मांग, खातिया के नवनिर्वाचित उपसरपंच विजेंद्र मेश्राम ने उठाई किसानों की आवाज

Sep 26
2 min read

प्रतिनिधी/गोंदिया :- गोंदिया तहसील में लगातार बारिश के कारण धान समेत विभिन्न फसलों को नुकसान और फसल रोगों के प्रकोप से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि नुकसान के बावजूद गोंदिया तहसील को दुष्काळग्रस्त घोषित नहीं किया गया है। इसी मुद्दे को लेकर खातिया ग्राम पंचायत के नवनिर्वाचित उपसरपंच विजेंद्र मेश्राम ने किसानों की आवाज उठाते हुए सरकार से गोंदिया तहसील की वास्तविक स्थिति का दोबारा सर्वे कराने और प्रभावित क्षेत्र को दुष्काळग्रस्त घोषित करने की मांग की है।मेश्राम ने कहा कि लगातार बारिश के चलते धान की फसल पर विभिन्न बीमारियों और कीटों का प्रकोप बढ़ रहा है। फसल बचाने के लिए किसानों को महंगे कीटनाशकों एवं दवाइयों का छिड़काव करना पड़ रहा है, जिससे खेती की लागत बढ़ रही है। दूसरी ओर उत्पादन प्रभावित होने की आशंका से किसान आर्थिक संकट में हैं। गोंदिया क्षेत्र में धान की फसल पर रोग और कीट प्रकोप की हालिया रिपोर्टें भी सामने आई हैं।


बोनस, उचित दाम और भुगतान का भी मुद्दा

विजेंद्र मेश्राम ने किसानों की अन्य समस्याओं को भी सामने रखते हुए कहा कि किसानों को धान का उचित दाम, बोनस तथा समय पर भुगतान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। किसानों की मांग है कि प्राकृतिक परिस्थितियों से हुए नुकसान का वस्तुनिष्ठ आकलन कर उन्हें तत्काल आर्थिक राहत दी जाए। उन्होंने सरकार और प्रशासन से गोंदिया तहसील में फसलों की स्थिति का सर्वेक्षण, प्रभावित किसानों को राहत एवं आर्थिक सहायता तथा कृषि उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने की मांग की है। गोंदिया जिले में किसानों की फसल संबंधी समस्याओं और राहत की मांगों को लेकर हाल के दिनों में भी विभिन्न क्षेत्रों से आवाज उठी है।


 
 
 

Comments


bottom of page