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गोंडीटोला में वर्षावास कार्यक्रम संपन्न, आर्य अष्टांगिक मार्ग पर हुआ मार्गदर्शन

Sep 28
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जनचेतना/गोंदिया/विवेक हरिनखेड़े :-  रविवार, 27 सितंबर 2026 को सर्कल दासगांव अंतर्गत ग्राम शाखा गोंडीटोला (रावणवाड़ी) में वर्षावास कार्यक्रम श्रद्धा एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता आयुष्यमान भाविकदास मेश्राम ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ महामानव तथागत गौतम बुद्ध एवं बोधिसत्व डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर एवं माल्यार्पण के साथ किया गया। इसके बाद उपस्थित पदाधिकारियों एवं धम्म अनुयायियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर सर्कल दासगांव के उपाध्यक्ष आयुष्यमान विकास रामटेके ने वर्षावास के महत्व तथा डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा निर्मित भारतीय संविधान के महत्व पर मार्गदर्शन किया। सर्कल दासगांव के कोषाध्यक्ष आयुष्यमान मिलिंद माटे ने महात्मा ज्योतिराव फुले एवं माता सावित्रीबाई फुले के शैक्षणिक संघर्ष और योगदान पर प्रकाश डाला।



सर्कल दासगांव के सहसचिव आयुष्यमान युवराज कोल्हाटकर ने तथागत गौतम बुद्ध के विचारों पर आधारित मधुर गीत प्रस्तुत किया। तालुका पदाधिकारी आयुनि. कविता ताई बागड़े ने भारतीय बौद्ध महासभा के 10 प्रमुख उद्देश्यों पर विस्तार से मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में तालुका पदाधिकारी डॉ. रायकर भास्कर, आयुनि. स्नेहा डॉली ताई गडपायले, सरपंच शिला ताई वासनिक, आयुष्यमान मनोज गणवीर एवं आयुष्यमान अजित ठवरे सहित अन्य पदाधिकारियों ने विभिन्न महापुरुषों के जीवन संघर्ष एवं सामाजिक योगदान पर विचार व्यक्त किए।


आर्य अष्टांगिक मार्ग से दुःख मुक्ति का संदेश


अध्यक्षीय मार्गदर्शन में आयुष्यमान भाविकदास मेश्राम ने ‘दुःख मुक्ति का मार्ग – आर्य अष्टांगिक मार्ग’ विषय पर विस्तार से मार्गदर्शन किया। उन्होंने सम्यक दृष्टि, सम्यक संकल्प, सम्यक वाचा, सम्यक कर्मांत, सम्यक आजीविका, सम्यक व्यायाम, सम्यक स्मृति और सम्यक समाधि—इन आठ अंगों के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि आर्य अष्टांगिक मार्ग मनुष्य को सदाचार, जागरूकता, संयम और एकाग्रता का मार्ग दिखाता है तथा दुःख से मुक्ति की दिशा में ले जाता है। उन्होंने तथागत गौतम बुद्ध के संदेश “अत्त दीपो भव” अर्थात “स्वयं अपना दीपक बनो” का उल्लेख करते हुए कहा कि मनुष्य के कर्म उसके अपने हाथ में हैं और दुःख से मुक्ति का मार्ग भी स्वयं के प्रयासों से प्रशस्त होता है। कार्यक्रम में दिनेश कोल्हाटकर, ओमप्रकाश वासनिक, मोरव्धज वासनिक, राजेंद्र वासनिक, ठुना वासनिक, अरुण वासनिक, दिलीप वासनिक, संजय वासनिक, नरेंद्र वासनिक, अनिल वासनिक, शैलेश वासनिक, संदीप देशभरतार, राजकपूर वासनिक, राजरत्नदीप वासनिक, सुनील वासनिक, सुंदरलाल देशभरतार, शोरभ वासनिक, प्रजोल रंगारी सहित अनेक उपासक उपस्थित रहे।


महिला पदाधिकारियों एवं उपासिकाओं में पुष्पा ताई वासनिक, कविता ताई वासनिक, आरती ताई वासनिक, अंजना ताई बन्सोड, कविता ताई रंगारी, इकीता ताई वासनिक, साधना ताई वासनिक, प्रियंका ताई वासनिक एवं शिला ताई वासनिक सहित अनेक महिलाएं उपस्थित थीं।

इस अवसर पर सर्कल, तालुका एवं जिला स्तर के पदाधिकारी तथा ग्राम शाखा गोंडीटोला (रावणवाड़ी) एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बौद्ध उपासक एवं उपासिकाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन शाखा अध्यक्ष आयुष्यमान राजकपूर वासनिक एवं शाखा उपाध्यक्ष आयुष्यमान शोंबीत देशभरतार ने संयुक्त रूप से किया। अंत में तथागत गौतम बुद्ध के धम्मानुसार शरण ग्रहण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।



 
 
 

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