top of page

ग्राम गर्रा (खुर्द) में वर्षावास कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में संपन्न

Sep 22
2 min read

बुद्ध विचारों और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के संदेश पर हुआ मार्गदर्शन


अनंत चेतना/विवेक हरिनखेड़े :- सर्कल दासगांव अंतर्गत ग्राम शाखा गर्रा (खुर्द) में शनिवार, 19 सितंबर 2026 को वर्षावास कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आयुष्यमान नूरलाल उके ने की। कार्यक्रम में सर्कल, तालुका एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में बौद्ध उपासक एवं उपासिकाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत महामानव तथागत गौतम बुद्ध एवं बोधिसत्व डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद मंचासीन अतिथियों एवं पदाधिकारियों का स्वागत-सत्कार किया गया।

 

इस अवसर पर सर्कल दासगांव के महासचिव आयुष्यमान भाविकदास मेश्राम ने वर्षावास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों पर आधारित गीत प्रस्तुत किया। पूर्व जिला उपाध्यक्ष आयुष्यमान रंजीत वासनिक ने भारतीय बौद्ध महासभा के प्रमुख उद्देश्यों पर विस्तार से मार्गदर्शन किया। वहीं जिला महिला अध्यक्ष आयुनी धर्मशिलाताई शेंडे ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के जीवन, संघर्ष एवं विचारों पर उपस्थित समाज का प्रबोधन किया। आयुनी पंचशीलाताई पानतावणे, आयुष्यमान मिलिंद माटे, आयुष्यमान यशवंत उके एवं जिला गोंदिया मीडिया प्रभारी आयुष्यमान ललकार बंसोड़ ने भी वर्षावास के अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए।


 

बुद्ध विचार और वैज्ञानिक धम्म पर मार्गदर्शन


अध्यक्षीय संबोधन में आयुष्यमान नूरलाल उके ने बुद्धकालीन विचारों एवं वैज्ञानिक धम्म के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उपस्थित समाज का मार्गदर्शन किया। उन्होंने बुद्ध के विचारों को जीवन में आत्मसात करने तथा सामाजिक जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में आयुष्यमान शामराव दरवडे, चंद्रशेखर नंदेश्वर, प्रदीप दरवडे, नंन्नु नंदेश्वर, अभय टेंभुर्णे, अंकुश तांबुरे, सानु सहारे, सार्थक सहारे सहित अन्य उपासक तथा आयुनी ललिता नदेसर, संघमित्रा उके, अर्चना वैदे, सीन्दू बाई सहारे, पूजा ताई साखरे, रेखा ताई सहारे एवं इंदु बाई टेंभुर्णे सहित बड़ी संख्या में उपासिकाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन आयुष्यमान विनोद सहारे एवं आयुष्यमान दिनेश दरवडे ने संयुक्त रूप से किया। अंत में तथागत गौतम बुद्ध के धम्म के अनुसार शरण ग्रहण के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। वर्षावास कार्यक्रम के माध्यम से बुद्ध के विचारों, धम्म और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के सामाजिक संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।




 
 
 

Comments


bottom of page