दूध मिलावटखोरों पर प्रशासन का शिकंजा, दासगांव शिवसागर डेयरी सील
संदिग्ध पनीर, दही, क्रीम समेत सैकड़ों किलो माल नष्ट, एफएसएसएआई लाइसेंस भी मिला एक्सपायर्ड
अनंत चेतना/गोंदिया :- जिले में दूध और दुग्धजन्य पदार्थों में मिलावट पर अंकुश लगाने के लिए जिला स्तरीय दूध मिलावट प्रतिबंधक समिति ने शुक्रवार सुबह दासगांव स्थित शिवसागर डेयरी पर अचानक छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की। अपर जिलाधिकारी तथा समिति के अध्यक्ष अभिजीत घोरपड़े के नेतृत्व में की गई कार्रवाई में डेयरी परिसर में भारी गंदगी पाए जाने के साथ ही एफएसएसएआई लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के बावजूद व्यवसाय जारी रखने का मामला सामने आया। प्रशासन ने डेयरी को तत्काल प्रभाव से बंद कर सील करने की कार्रवाई की।
बिना लेबल के मिला संदिग्ध दुग्धजन्य माल
संयुक्त जांच दल को डेयरी में 18 किलो पनीर, 90 किलो दही, 20 किलो दूध, 17 किलो क्रीम, 15 किलो छाछ और 2 किलो खोवा मिला। इन पदार्थों पर उत्पादन तिथि अथवा आवश्यक लेबल नहीं लगाए गए थे। इसके अलावा एक अज्ञात रासायनिक पदार्थ भी बरामद हुआ। प्रशासन ने पनीर, दही, क्रीम तथा अज्ञात रासायनिक पदार्थ के नमूने जांच के लिए न्यायवैद्यक प्रयोगशाला भेजे हैं। वहीं संदिग्ध एवं अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे गए दुग्धजन्य पदार्थों को अन्न व औषधि प्रशासन ने नियमानुसार नष्ट कर दिया।

खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड भी नहीं
जांच के दौरान डेयरी में माल की खरीद-बिक्री से संबंधित आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। साथ ही एफएसएसएआई लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के बावजूद व्यवसाय संचालित किया जा रहा था।
वजन काटे की भी जांच, मामला दर्ज
डेयरी में इलेक्ट्रॉनिक वजन काटों की आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया नहीं कराई गई थी। वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर वैध मापन शास्त्र विभाग ने संबंधित संचालक के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया तथा वजन काटा जब्त किया।पारदर्शिता के लिए स्थानीय अधिकारियों की मौजूदगीकार्रवाई के दौरान संदिग्ध माल को नष्ट करते समय समिति के सदस्यों के साथ स्थानीय सरपंच, पुलिस पाटील, मंडल अधिकारी, ग्रामसेवक और कोतवाल को प्रत्यक्षदर्शी के रूप में उपस्थित रखा गया। उनकी मौजूदगी में माल नष्ट कर डेयरी को बंद करने की कार्रवाई की गई। कार्रवाई में दुग्धशाला व्यवस्थापक प्रशांत बोरसे, सहायक आयुक्त अमृता शिर्के, अन्न सुरक्षा अधिकारी ओंकार लांजेवार, सहायक पुलिस निरीक्षक अभय चव्हाण, वैध मापन निरीक्षक संजय कांबले और गौरव बैस उपस्थित थे।
10 सितंबर की बैठक के बाद कार्रवाई
जिले में दूध मिलावट पर प्रभावी नियंत्रण के लिए 10 सितंबर को अपर जिलाधिकारी अभिजीत घोरपड़े की अध्यक्षता में जिला स्तरीय दूध मिलावट प्रतिबंधक समिति की बैठक हुई थी। बैठक में तय रणनीति के तहत शुक्रवार को अचानक जांच अभियान चलाया गया। समिति अध्यक्ष घोरपड़े ने जिले के दूध उत्पादकों और डेयरी संचालकों से नियमों का पालन करते हुए वैध लाइसेंस, स्वच्छता और निर्धारित मानकों के अनुसार व्यवसाय करने का आह्वान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले मामलों में नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जिले में अचानक जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।

नागरिकों से अपील: दूध, पनीर, खोवा, दही, घी अथवा अन्य दुग्धजन्य पदार्थों में मिलावट या अस्वच्छ परिस्थितियों में व्यवसाय किए जाने का संदेह होने पर नागरिक जिला स्तरीय दूध मिलावट प्रतिबंधक समिति को सूचना दें। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखने की बात प्रशासन ने कही है।





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