राष्ट्रवादी सेवादल जिलाध्यक्ष गणेश बरडे बोले—फसल नुकसान का सर्वे कर किसानों को मिले आर्थिक सहायता
जनचेतना/गोंदिया :- जिले के विभिन्न क्षेत्रों में धान की फसल पर गंभीर बीमारियों का प्रकोप दिखाई देने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। बीमारी के कारण फसल प्रभावित होने से इस वर्ष उत्पादन में कमी आने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए प्रशासन से तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग की जा रही है। इस गंभीर समस्या को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सेवादल के जिलाध्यक्ष गणेश बरडे ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए प्रभावित धान की फसलों का तत्काल सर्वेक्षण एवं पंचनामा कराने की मांग की है। गणेश बरडे ने कहा कि किसान पहले ही खेती की बढ़ती लागत से परेशान हैं। बीज, खाद, कीटनाशक, मजदूरी और अन्य कृषि खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में धान की फसल में बीमारी फैलने से किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है। यदि समय रहते बीमारी पर नियंत्रण नहीं किया गया तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

प्रभावित खेतों का तत्काल सर्वेक्षण हो
गणेश बरडे ने मांग की कि कृषि विभाग एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की टीम प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर खेतों का प्रत्यक्ष निरीक्षण करे। बीमारी से प्रभावित फसलों का पंचनामा कर नुकसान का वास्तविक आकलन किया जाए, ताकि पात्र किसानों को शासन की ओर से नियमानुसार आर्थिक सहायता मिल सके। उन्होंने कहा कि केवल कागजी स्तर पर स्थिति का आकलन करने के बजाय अधिकारियों को गांव-गांव और खेत-खेत जाकर वास्तविक स्थिति देखनी चाहिए। किसानों को फसल बचाने के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन एवं दवाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
किसानों को तत्काल राहत देने की मांग
बरडे ने कहा कि धान की फसल किसानों की आजीविका का प्रमुख आधार है। फसल खराब होने की स्थिति में इसका सीधा असर किसानों के परिवार की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। इसलिए प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल पंचनामा, नुकसान का सर्वे और किसानों के लिए राहत पैकेज उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाने चाहिए। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि किसानों की समस्या को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए, ताकि बीमारी से प्रभावित किसानों को समय पर राहत मिल सके।





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