top of page

संदेही पति द्वारा पत्नी पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला

  • 3 days ago
  • 3 min read

अनंत चेतना/केशोरी



अर्जुनी मोरगांव तहसील के पुलिस स्टेशन केशोरी के तहत ग्राम पुष्पनगर पुलिस थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम पुष्पनगर में एक संदेही पति ने अपनी अपनी पत्नी कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर घायल कर दिया। आरोपी का नाम गणेश बिजाय बावाली उम्र 71 वर्षऔर उसकी पत्नी का नाम मांनकुमारी बावाली उम्र 58 वर्ष बताया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना 28 मार्च को दोपहर11:00 बजे के दौरान जब आरोपी की पत्नी मांनकुमारी गणेश बावाली उम्र 58 वर्ष घर के नल से पानी भर रही थी तो आरोपी द्वारा उसके चरित्र पर संदेह को लेकर झगड़ा करने लगा और उसे जान से करने के उद्देश्य से पास में रखी कुल्हाड़ी से उसकी गर्दन पर प्राण घातक हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से जख्मी महिला को उपचार के लिए ग्रामीण चिकित्सालय में दाखिल कराया गया है। जख्मी महिला की बहू फरियादी जयंती चंद्रकांत बावाली उम्र 32 वर्ष की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1) के तहत मामला दर्ज कर केशोरी के पुलिस निरीक्षक काड़े के मार्गदर्शन में पुलिस उप निरीक्षक संदीप भोसले द्वारा जांच की जा रही है।

 

भारत में दूध की खपत काफी ज्यादा

भारत में दूध लगभग हर घर की जरूरत है. सुबह की चाय से लेकर खीर, दही और रोजमर्रा के कई व्यंजनों तक इसका इस्तेमाल होता है. ऐसे में दूध की शुद्धता को लेकर बढ़ती चिंताएं गंभीर हैं. पानी मिलाना, सिंथेटिक पदार्थ या अन्य केमिकल मिलाकर मात्रा बढ़ाना जैसी शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं. फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी और एक्सपर्ट का कहना है कि कुछ आसान घरेलू तरीकों से दूध में मिलावट की शुरुआती पहचान की जा सकती है.

 

कैसे कर सकते हैं पहचान?

मिलावटी दूध देखने में उतना ही सफेद और ताजा लग सकता है जितना शुद्ध दूध, लेकिन उसमें पानी, डिटर्जेंट, स्टार्च, यूरिया या कृत्रिम ठोस पदार्थ मिलाए जा सकते हैं. ऐसे दूध का नियमित सेवन डाइजेशन पर असर डाल सकता है, अंगों पर दबाव बढ़ा सकता है और न्यूट्रिशन मूल्य घटा सकता है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह अधिक जोखिम भरा हो सकता है. सबसे पहले पानी की मिलावट जांचने के लिए किसी साफ और चिकनी ढलान वाली सतह जैसे स्टील की प्लेट या कांच पर दूध की एक बूंद डालें. शुद्ध दूध धीरे-धीरे नीचे की ओर सरकता है और पीछे सफेद लकीर छोड़ता है, जबकि पानी मिला दूध तेजी से बह जाता है और निशान नहीं छोड़ता.

 

उबालकर भी कर सकते हैं पता

उबालने और मलाई जांचने का तरीका भी कारगर माना जाता है. थोड़ा दूध उबालकर ठंडा होने दें. शुद्ध दूध पर सामान्यतः पतली मलाई की परत जमती है. यदि दूध में ज्यादा मिलावट है तो वह असामान्य रूप से झाग बना सकता है, जल्दी उफन सकता है या मलाई बहुत कम बन सकती है. डिटर्जेंट या झाग की जांच के लिए बराबर मात्रा में दूध और पानी को बोतल में डालकर हिलाएं. शुद्ध दूध में हल्का झाग बनता है जो जल्दी बैठ जाता है. अगर गाढ़ा और देर तक टिकने वाला झाग बने तो इसमें डिटर्जेंट या सिंथेटिक तत्व होने की आशंका हो सकती है.

 

इस तरह भी कर सकते हैं पता

 

स्टार्च की जांच के लिए उबले और ठंडे दूध में आयोडीन की दो-तीन बूंदें डालें. यदि रंग नीला हो जाए तो स्टार्च मिलाया गया हो सकता है. वहीं यूरिया की आशंका के लिए दूध और पानी बराबर मात्रा में मिलाकर लाल लिटमस पेपर डालें. अगर वह नीला हो जाए तो यूरिया की मात्रा अधिक हो सकती है. यदि आपको दूध में मिलावट का संदेह हो तो हमेशा लाइसेंसधारी डेयरी या भरोसेमंद ब्रांड से ही दूध खरीदें और पैकेट पर वैध एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर जरूर देखें. घरेलू जांच में गड़बड़ी का संकेत मिले तो स्थानीय फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी या संबंधित ऐप के जरिए शिकायत दर्ज कराई जा सकती है.


 
 
 

Comments


bottom of page